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कांगड़ा के मिशन धनवंतरी की दिल्ली से रशिया तक धाक, अमरीका की भी पसंद

Jan 2, 2025
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तुलसी से तैयार उत्पादों को भारतीयों संग विदेशी भी खूब कर रहे पसंद, रशिया में भारतीय इनोवशन सेंटर से जोडऩे का प्लान

विज्ञान एवं प्रोद्योगिक मंत्रालय ने भी मांगा प्रोपोजल

दिव्य हिमाचल ब्यूरो-धर्मशालाअपना कांगड़ा के तहत शुरू किए गए मिशन धनवंतरी की गूंज अब मनिष्ट्री ऑफ सांइस एवं टेक्नोलॉजी से लेकर रशिया तक पहुंच गई है। तुलसी के पत्तों से तैयार मेडीशयन वेल्यू वाले प्रोडक्ट्स न केवल भारतीयों को पंसद आ रहे हैं बल्कि आने वाले दिनों में विदेशों में भी धाक बनाएंगे। पिछले दिनों जी-20 सम्मेलन के दौरान अपना कांगड़ा के तहत कुछ स्टाल लगाए गए थे, जिसमें आयुष विभाग के मिशन धनवंतरी के तहत तैयार प्रोडक्ट्स को भी रखा गया था। तुलसी से बने साबुन, इम्युनिटी के लिए बनाए गए तुलसी अर्क, तुलसी माला, तुलसी ग्रीन टी, तुलसी शरबत, तुलसी अग्रवति, आयुष क्वाथ सहित अन्य कई प्रोडक्ट तैयार किए जा रहे हैं। तुलसी की महक वाले इन उत्पादों को लोग खूब पसंद कर रहे हैं।

इतना ही नहीं, कांगड़ा के अलग-अलग स्थानों पर तैयार किए जा रहे इन उत्पादों पर शोधार्थियों ने रिसर्च भी शुरू कर दी है। यही वजह है कि अब केंद्र सरकार के मनिष्ट्री ऑफ सांइस एवं टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिक डा. चंद्रशेखर यादव ने आईआईटी मंडी के माध्यम से अपस्केल करने के लिए दिल्ली भजने को कहा है। डा. चंद्रशेखर जी-20 सम्मेलन के लिए धर्मशाला पहुंचे थे। उपायुक्त कांगड़ा डा. निपुण जिंदल का कहना है कि मिशन धनवंतरी के तहत उत्पादों की मांग बढ़ रही है। इस कार्य को पूरे जिला में शुरू किए जाने पर काम चल रहा है।

रशिया में छाए प्रोडक्ट

जी-20 सम्मेलन में रशिया के डेलीगेट मिखिल ने भी इन तुलसी से तैयार उत्पादों को पसंद करते हुए इन्हें वहां स्थापित इनोवेशन सेंटर से जोडऩे की बात कही। इस मसले पर वह रशिया जाकर तमाम औपचारिक्ताओं को पूरा करने के बाद भविष्य की रणनीति पर अपनी बात सांझा करेंगे।

महिलाओं को रोजगार

मिशन धनवंतरी के नोडल आफिसर डा. सुनील ने बताया कि उपायुक्त कांगड़ा डा. निपुण जिंदल के प्रयासों से कांगड़ा में मिशन धनवंतरी के तहत यह कार्य एक ब्लॉक से शुरू होकर अब जिला भर में बढ़ रहा है। इसमें सैंकड़ों महिलाओं के समूह काम कर रहे हैं।

अमरीका की भी पसंद

जी-20 सम्मेलन के दौरान रशिया, अमरीका, तुर्की, इंडोनेशिया और सउदी अरब के डेलीगेट्स को तुलसी से बने उत्पाद बहुत पसंद आए और उन्होंने इसमें गहरी रूचि दिखाते हुए इसके बारे में पूरी जानकारी लेते हुए भविष्य में इसे अपनाने के संकेत दिए।

 
 
 

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